भारत का रियल एस्टेट सेक्टर एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। Budget 2026 को लेकर रियल्टी सेक्टर की उम्मीदें इस बार कहीं ज्यादा बड़ी और ठोस हैं। डेवलपर्स, निवेशक और होमबायर्स सभी सरकार से ऐसे कदमों की अपेक्षा कर रहे हैं, जो ठप पड़ी परियोजनाओं को गति दें, घर खरीदने की मांग को दोबारा मजबूत करें और पूरे हाउसिंग इकोसिस्टम में भरोसा लौटाएं।
हम इस लेख में विस्तार से बताते हैं कि Budget 2026 में रियल्टी सेक्टर SWAMIH Fund के विस्तार और टैक्स राहत की मांग क्यों कर रहा है, इन उपायों से हाउसिंग मोमेंटम कैसे लौट सकता है और इसका असर आम होमबायर्स से लेकर देश की अर्थव्यवस्था तक किस तरह पड़ेगा।
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Budget 2026 और रियल एस्टेट सेक्टर की मौजूदा स्थिति
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रियल्टी सेक्टर ने कई चुनौतियों का सामना किया है। कोविड के बाद मांग में अस्थायी उछाल जरूर आया, लेकिन:
- बढ़ती ब्याज दरें
- निर्माण लागत में इजाफा
- अधूरी परियोजनाएं
- निवेशकों की सतर्कता
ने सेक्टर की रफ्तार को सीमित कर दिया।
Budget 2026 को रियल एस्टेट सेक्टर एक ऐसे अवसर के रूप में देख रहा है, जहां सरकार नीतिगत समर्थन देकर हाउसिंग ग्रोथ को फिर से ट्रैक पर ला सकती है।
SWAMIH Fund क्या है और इसका विस्तार क्यों जरूरी है
SWAMIH Fund (Special Window for Affordable and Mid-Income Housing) सरकार की एक अहम पहल है, जिसका मकसद अटकी हुई हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करना है।
अब तक SWAMIH फंड ने:
- हजारों अटके प्रोजेक्ट्स को फंडिंग दी
- लाखों होमबायर्स को राहत पहुंचाई
- बैंकों और NBFCs का दबाव कम किया
लेकिन रियल्टी सेक्टर का मानना है कि मौजूदा दायरा अब पर्याप्त नहीं है।
SWAMIH Fund विस्तार की मुख्य मांगें
- फंड साइज में बड़ा इजाफा
- मिड-इनकम और कुछ हाई-इनकम प्रोजेक्ट्स को भी शामिल करना
- तेज अप्रूवल प्रोसेस
- राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय
Budget 2026 में यदि SWAMIH फंड का विस्तार होता है, तो इससे अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने में तेजी आएगी और बाजार में विश्वास लौटेगा।
अटकी परियोजनाएं: रियल्टी सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौती
देश के कई बड़े शहरों में आज भी हजारों हाउसिंग प्रोजेक्ट्स अधूरे पड़े हैं। इसका सीधा असर:
- होमबायर्स के विश्वास पर
- डेवलपर्स की साख पर
- बैंकिंग सिस्टम पर
पड़ता है।
SWAMIH फंड के विस्तार से इन प्रोजेक्ट्स को फाइनेंशियल सपोर्ट मिलेगा, जिससे:
- घरों की डिलीवरी तेज होगी
- डिमांड साइड मजबूत होगी
- सेक्टर में कैश फ्लो सुधरेगा
Budget 2026 में टैक्स राहत: होमबायर्स की सबसे बड़ी उम्मीद
रियल्टी सेक्टर को दोबारा रफ्तार देने के लिए टैक्स राहत को सबसे असरदार उपाय माना जा रहा है।
होम लोन पर टैक्स छूट बढ़ाने की मांग
वर्तमान में:
- होम लोन के ब्याज पर ₹2 लाख तक की छूट
- प्रिंसिपल पर सीमित टैक्स बेनिफिट
मिलता है।
रियल्टी सेक्टर की मांग है कि Budget 2026 में:
- ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई जाए
- पहली बार घर खरीदने वालों को अतिरिक्त राहत मिले
- अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए अलग टैक्स इंसेंटिव हो
इससे मिडिल क्लास और यंग होमबायर्स की खरीदारी क्षमता बढ़ेगी।
रेंटल हाउसिंग और टैक्स स्ट्रक्चर में सुधार की जरूरत
भारत में रेंटल हाउसिंग तेजी से उभर रहा है, खासकर:
- मेट्रो शहरों में
- स्टूडेंट और वर्किंग प्रोफेशनल्स के बीच
लेकिन मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर निवेशकों को हतोत्साहित करता है।
Budget 2026 में यदि:
- रेंटल इनकम पर टैक्स में राहत
- स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी
- लॉन्ग टर्म रेंटल इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा
दिया जाता है, तो हाउसिंग सप्लाई और मांग दोनों को मजबूती मिलेगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेटस की पुरानी मांग
रियल एस्टेट सेक्टर लंबे समय से इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेटस की मांग करता रहा है।
इसके फायदे:
- सस्ता फंडिंग विकल्प
- लंबी अवधि के लोन
- प्रोजेक्ट्स की लागत में कमी
यदि Budget 2026 में हाउसिंग सेक्टर को व्यापक इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टेटस मिलता है, तो यह गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
Affordable Housing को फिर से प्राथमिकता
Affordable Housing सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहा है, लेकिन हाल के समय में इसकी गति धीमी हुई है।
रियल्टी सेक्टर की मांग है कि Budget 2026 में:
- अफोर्डेबल हाउसिंग पर GST में राहत
- डेवलपर्स के लिए इंसेंटिव
- भूमि और अप्रूवल लागत में कमी
जैसे कदम उठाए जाएं।
इससे शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हाउसिंग की बड़ी समस्या का समाधान संभव है।
रियल्टी सेक्टर और रोजगार सृजन
रियल एस्टेट सेक्टर केवल घरों तक सीमित नहीं है। यह:
- लाखों लोगों को रोजगार देता है
- स्टील, सीमेंट, पेंट, इलेक्ट्रिकल जैसे सेक्टर्स को सपोर्ट करता है
- GDP में बड़ा योगदान देता है
Budget 2026 में रियल्टी सेक्टर को सपोर्ट देने का मतलब है पूरे इकोनॉमिक चेन को मजबूती देना।
निवेशकों की नजर Budget 2026 पर क्यों टिकी है
घरेलू और विदेशी निवेशक दोनों ही Budget 2026 से स्पष्ट संकेत चाहते हैं।
यदि:
- SWAMIH फंड का विस्तार होता है
- टैक्स राहत मिलती है
- नीतिगत स्पष्टता आती है
तो रियल एस्टेट स्टॉक्स, REITs और प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट में नई जान आ सकती है।
होमबायर्स के लिए Budget 2026 क्या बदल सकता है
आम होमबायर्स के लिए यह बजट बेहद अहम है।
संभावित फायदे:
- EMI का बोझ कम
- घर खरीदने का फैसला आसान
- प्रोजेक्ट्स की समय पर डिलीवरी
- भरोसेमंद डेवलपर्स की वापसी
इससे हाउसिंग डिमांड में स्थायी सुधार देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष: Budget 2026 रियल्टी सेक्टर के लिए निर्णायक साबित हो सकता है
Budget 2026 से रियल्टी सेक्टर को SWAMIH फंड विस्तार और टैक्स राहत की बड़ी उम्मीदें हैं। यदि सरकार इन मांगों पर सकारात्मक कदम उठाती है, तो:
- हाउसिंग मोमेंटम दोबारा तेज होगा
- अधूरी परियोजनाओं को जीवन मिलेगा
- होमबायर्स और निवेशकों का भरोसा लौटेगा
- अर्थव्यवस्था को व्यापक समर्थन मिलेगा
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि Budget 2026 रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कितना मजबूत और दूरदर्शी रोडमैप पेश करता है।



