पिछले कुछ हफ्तों में सोने के दामों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे निवेशकों, ज्वेलरी खरीदारों और ट्रेडर्स में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी Gold Prices दबाव में दिखाई दे रहे हैं।
हम इस विस्तृत रिपोर्ट में समझते हैं कि आखिर Why are gold prices falling? (सोने के दाम क्यों गिर रहे हैं?), इसके पीछे कौन से आर्थिक और वैश्विक कारण काम कर रहे हैं, और आने वाले दिनों में सोने का रुझान कैसा रह सकता है।
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सोने के दामों में गिरावट: वर्तमान स्थिति
पिछले कुछ दिनों में सोना कई सौ रुपये प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ चुका है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना अपने हालिया उच्च स्तर (All-Time High) की तुलना में गिरावट में है।
यह गिरावट अचानक नहीं है बल्कि कई आर्थिक संकेतकों का परिणाम है।
1. मजबूत होते अमेरिकी डॉलर का प्रभाव
गोल्ड प्राइस में गिरावट का सबसे बड़ा कारण है अमेरिकी डॉलर की मजबूती।
जब USD मजबूत होता है:
- सोना महंगा हो जाता है
- वैश्विक निवेशक डॉलर को सुरक्षित मानते हैं
- गोल्ड की डिमांड कम होती है
क्योंकि दुनिया भर में सोने की कीमतें USD में तय होती हैं, इसलिए डॉलर के मजबूत होते ही Gold Prices स्वाभाविक रूप से गिरते हैं।
2. अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की ब्याज दर नीति (Fed Interest Rates)
फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी या बढ़ोतरी के संकेत देने से:
- सोना, जो एक “नॉन-इंटरस्ट असैट” है, कम आकर्षक हो जाता है
- निवेशक Bonds और Treasury में पैसा लगाना पसंद करते हैं
- गोल्ड में निवेश कम होता है
इस कारण सोने के दामों में दबाव आता है।
जितनी अधिक ब्याज दरें, उतनी बड़ी गिरावट की संभावना।
3. ग्लोबल मार्केट में Risk-On Sentiment
जब दुनिया भर के स्टॉक मार्केट मजबूत होते हैं:
✔ निवेशक शेयरों में पैसा लगाने लगते हैं
✔ सोना Safe Haven Asset होने के बावजूद नजरअंदाज़ हो जाता है
✔ गोल्ड की मांग कम होने लगती है
इसीलिए 2025 के शुरुआती महीनों में, वैश्विक इक्विटी बाजारों में तेजी आने के बाद सोना लगातार नीचे आया।
4. केंद्रीय बैंकों की सोना खरीद में कमी
कई देशों के सेंट्रल बैंकों ने 2023–2024 में भारी मात्रा में सोना खरीदा था।
लेकिन 2025 में यह खरीदारी धीमी पड़ गई है।
क्यों?
- विदेशी मुद्रा भंडार संतुलित करना
- वैश्विक आर्थिक स्थिरता बढ़ना
- बॉन्ड यील्ड का आकर्षक होना
इससे सोने की अंतरराष्ट्रीय मांग कम हुई—और कीमत पर सीधा असर पड़ा।
5. चीन और एशियाई मार्केट की कमजोर मांग
चीन दुनिया में सोना उपभोग करने वाले सबसे बड़े देशों में से एक है।
लेकिन कमजोर आर्थिक आंकड़ों, कम उपभोक्ता खर्च और रियल एस्टेट संकट के कारण:
- ज्वेलरी की मांग कम हुई
- इंडस्ट्रियल डिमांड घटी
- निवेश मांग भी कमजोर रही
इनका असर अंतरराष्ट्रीय गोल्ड प्राइस पर पड़ा।
6. कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता का प्रभाव
जब कच्चे तेल की कीमतें स्थिर या कम होती हैं:
- महंगाई घटती है
- निवेशक Gold को Inflation Hedge के रूप में कम खरीदते हैं
2025 की शुरुआत में क्रूड ऑयल की कीमतें नियंत्रित रहने से सोने का आकर्षण भी कम हुआ।
7. भारत में आयात शुल्क और रुपये की मजबूती
भारत में सोने की घरेलू कीमतें दो कारणों से प्रभावित होती हैं:
✔ रुपये का डॉलर के मुकाबले मजबूत होना
जब रुपया मजबूत होता है → सोना सस्ता होता है।
✔ आयात शुल्क में बदलाव
यदि सरकार आयात शुल्क कम करे तो सोना और भी सस्ता हो जाता है।
2025 में रुपये की स्थिरता और आयात दबाव कम होने से घरेलू गोल्ड प्राइस गिरे।
8. ETF (Exchange Traded Fund) से आउटफ्लो
सोने में निवेश करने वाले ETFs से लगातार Outflow दिख रहा है।
ETF बेचने का मतलब:
- निवेशक गोल्ड से पैसा निकाल रहे हैं
- डिमांड कम → कीमत कम
अंतरराष्ट्रीय ETFs में यह रुझान गोल्ड मार्केट को दबाव में ला रहा है।
9. महंगाई में कमी (Inflation Downtrend)
सोना हमेशा से Inflation Hedge माना जाता है।
लेकिन जब महंगाई कम होती है:
- सोने में निवेश की जरूरत कम होती है
- Equity और Bonds ज्यादा आकर्षक लगते हैं
- गोल्ड की मांग गिरती है
2025 में कई देशों में महंगाई नियंत्रित हुई है, जिसका असर Gold Prices पर सीधा पड़ा।
क्या सोने की गिरावट आगे भी जारी रहेगी?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह इस बात पर निर्भर करेगा:
✔ Fed नीति कैसी रहती है
यदि ब्याज दरें ऊंची रहीं → सोना और गिर सकता है।
✔ डॉलर कमजोर होता है या मजबूत
डॉलर गिरा → सोना फिर से तेज हो सकता है।
✔ ग्लोबल इकोनॉमी स्थिर रहती है या संकट आता है
आर्थिक संकट → गोल्ड तेजी
स्थिरता → गोल्ड गिरावट
✔ चीन और भारत की मांग बढ़ती है या नहीं
ज्वेलरी सीजन आने पर कीमतें स्थिर हो सकती हैं।
क्या यह सोना खरीदने का सही समय है?
यह आपके निवेश उद्देश्य पर निर्भर करता है:
✔ लॉन्ग-टर्म निवेशक के लिए:
गिरावट में खरीदना हमेशा एक रणनीतिक अवसर माना जाता है।
✔ शॉर्ट-टर्म ट्रेडर के लिए:
Volatility अधिक है—सावधानी से ट्रेड करें।
✔ ज्वेलरी खरीदारों के लिए:
कीमतें अभी नीचे हैं—बेहतर समय।
Conclusion: सोने के दाम क्यों गिर रहे हैं?
सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई आपस में जुड़े कारक हैं—
अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरें, कम होती मांग, ETF आउटफ्लो, महंगाई में कमी और ग्लोबल मार्केट सेंटिमेंट।
यदि ये कारक जारी रहे तो सोने में और गिरावट संभव है,
लेकिन किसी भी वैश्विक संकट या डॉलर के कमजोर होते ही सोना फिर से तेजी पकड़ सकता है।



